महाराष्ट्र के गृह मंत्री हैं पाटिल साहब। याद कीजिये राहुल राज एपिसोड में उनका बयान-गोली का जवाब गोली। एक होम मिनिस्टर का बयान, जो कि एक महत्वपूणॆ राज्य का मंत्री है। ऐसा बयान जैसे कि उन्होंने किसी विदेशी आतंकवादी को मारा हो। राहुल राज विदेशी नहीं, बल्कि उन्ही के देश के एक राज्य का बाशिंदा था। फकॆ यही था कि वह भटका हुआ था। २९ नवंबर को फिर पाटिल साहब एक महागलती कर गये। कहा-२६ नवंबर की आतंकी घटना एक छोटा-मोटा हादसा है और ऐसा होता रहता है। फिर खुद बताया कि आतंकवादियों का मकसद पांच हजार लोगों को मारने का था। जीभ का फिसलना पाटिल साहब के लिए मानो सामान्य सी बात हो गयी है। आखिर इस तरह की गलती कैसे हो जा रही है। सोचने की बात है। भाई पाटिल साहब, बोलें, तो थोड़ा संभल कर, बोलें। वैसे भी इलेक्ट्रानिक मीडिया जो छिछालेदार डायरेक्ट टेलीकास्ट कर रही है, वैसा तो हम नहीं कर रहे। लेकिन ऐसी गैर-जिम्मेदाराना बयानबाजी आखिर क्या संदेश दे रही है। आप ही बतायें...
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शनिवार, 29 नवंबर 2008
भाई पाटिल साहब सोचकर बोलिये
महाराष्ट्र के गृह मंत्री हैं पाटिल साहब। याद कीजिये राहुल राज एपिसोड में उनका बयान-गोली का जवाब गोली। एक होम मिनिस्टर का बयान, जो कि एक महत्वपूणॆ राज्य का मंत्री है। ऐसा बयान जैसे कि उन्होंने किसी विदेशी आतंकवादी को मारा हो। राहुल राज विदेशी नहीं, बल्कि उन्ही के देश के एक राज्य का बाशिंदा था। फकॆ यही था कि वह भटका हुआ था। २९ नवंबर को फिर पाटिल साहब एक महागलती कर गये। कहा-२६ नवंबर की आतंकी घटना एक छोटा-मोटा हादसा है और ऐसा होता रहता है। फिर खुद बताया कि आतंकवादियों का मकसद पांच हजार लोगों को मारने का था। जीभ का फिसलना पाटिल साहब के लिए मानो सामान्य सी बात हो गयी है। आखिर इस तरह की गलती कैसे हो जा रही है। सोचने की बात है। भाई पाटिल साहब, बोलें, तो थोड़ा संभल कर, बोलें। वैसे भी इलेक्ट्रानिक मीडिया जो छिछालेदार डायरेक्ट टेलीकास्ट कर रही है, वैसा तो हम नहीं कर रहे। लेकिन ऐसी गैर-जिम्मेदाराना बयानबाजी आखिर क्या संदेश दे रही है। आप ही बतायें...
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